कुरान - 18:93 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

93
حَتَّىٰٓ إِذَا بَلَغَ بَيۡنَ ٱلسَّدَّيۡنِ وَجَدَ مِن دُونِهِمَا قَوۡمٗا لَّا يَكَادُونَ يَفۡقَهُونَ قَوۡلٗا

Transliteration: (Hattaaa izaa balagha bainas saddaini wajada min doonihimaa qawmal laa yakaa doona yafqahoona qawlaa)

यहाँ तक कि जब वे दो पहाड़ों के दरमियान पहुंचे, तो उन्होंने उनके पास एक ऐसी क़ौम को पाया जो बात को मुश्किल ही से समझ पाती थी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 93 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 93

✅ दो पहाड़ों के बीच अनोखी ज़बान वाली क़ौम

वे दो बहुत बड़े पहाड़ों के बीच पहुंचे। वहाँ एक ऐसी क़ौम आबाद थी जिनकी ज़बान बिल्कुल अलग थी और वे दूसरों की बात बड़ी मुश्किल से इशारों या तर्जुमान के ज़रिये समझ पाते थे।

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