कुरान - 18:94 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

94
قَالُواْ يَٰذَا ٱلۡقَرۡنَيۡنِ إِنَّ يَأۡجُوجَ وَمَأۡجُوجَ مُفۡسِدُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَهَلۡ نَجۡعَلُ لَكَ خَرۡجًا عَلَىٰٓ أَن تَجۡعَلَ بَيۡنَنَا وَبَيۡنَهُمۡ سَدّٗا

Transliteration: (Qaaloo yaa Zal qarnaini inna Ya'jooja wa Ma'jooja mufsidoona fil ardi fahal naj'alu laka kharjan 'alaaa an taj'ala bainanaa wa bainahum saddaa)

उन्होंने कहा, 'ऐ ज़ुलक़रनैन! बेशक याजूज और माजूज इस सरज़मीन में बड़ा फ़साद मचाते हैं; तो क्या हम आपके लिए कुछ टैक्स (ख़र्च) मुक़र्रर कर दें इस शर्त पर कि आप हमारे और उनके दरमियान एक मज़बूत दीवार बना दें?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 94 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 94

✅ याजूज-माजूज का फ़साद और दीवार की दरख़्वास्त

उस मक़ामी क़ौम ने ज़ुलक़रनैन से फ़रियाद की कि पहाड़ों के पीछे से 'याजूज और माजूज' (वहशी और ख़ूंख़ार क़ौमें) आकर हमारी बस्तियों को लूटते हैं, क़त्लेआम करते हैं और फ़साद फैलाते हैं। अगर आप उन पहाड़ों के बीच दीवार बना दें तो हम अपनी आमदनी से आपको भारी टैक्स देने को तैयार हैं।

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