कुरान - 18:95 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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قَالَ مَا مَكَّنِّي فِيهِ رَبِّي خَيۡرٞ فَأَعِينُونِي بِقُوَّةٍ أَجۡعَلۡ بَيۡنَكُمۡ وَبَيۡنَهُمۡ رَدۡمًا

Transliteration: (Qaala maa makkannee feehi Rabbee khairun fa-a'eenoonee biquwwatin aj'al bainakum wa bainahum radmaa)

उन्होंने कहा, 'मेरे रब ने मुझे जो इख़्तियार और वसाइल बख़्शे हैं वही बेहतर हैं; बस तुम जिस्मानी ताक़त (मज़दूरों व कारीगरों) से मेरी मदद करो, मैं तुम्हारे और उनके दरमियान एक मज़बूत दीवार (सद्द) बना दूंगा।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 95 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 95

✅ ज़ुलक़रनैन की बेनियाज़ी और तआवुन की अपील

हज़रत ज़ुलक़रनैन ने लालच से पाक होकर फ़रमाया कि मुझे तुम्हारे माल या टैक्स की कोई ज़रूरत नहीं है, मेरे रब ने मुझे बहुत कुछ दिया है। तुम सिर्फ़ मेहनत और मज़दूरों के ज़रिये मेरा साथ दो, मैं एक नाक़ाबिले तसख़ीर दीवार तामीर कर दूंगा।

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