कुरान - 18:97 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

97
فَمَا ٱسۡطَٰعُوٓاْ أَن يَظۡهَرُوهُ وَمَا ٱسۡتَطَٰعُواْ لَهُۥ نَقۡبٗا

Transliteration: (Famas taa'ooo any yazharoohu wa mastataa'oo lahoo naqbaa)

तो फिर वे (याजूज-माजूज) न तो उस पर चढ़ने की ताक़त रखते थे और न उसमें कोई सुराख़ कर सकते थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 97 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 97

✅ याजूज-माजूज का बेबस होना

दीवार इतनी बुलंद, सीधी और चिकनी थी कि याजूज-माजूज उस पर चढ़ने से आजिज़ आ गए, और इतनी सख़्त और मोटी थी कि वे अपने हथियारों से उसमें रत्ती भर भी सुराख़ न कर सके। इस तरह वह इलाक़ा उनके फ़साद से महफ़ूज़ हो गया।

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