कुरान - 18:98 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

98
قَالَ هَٰذَا رَحۡمَةٞ مِّن رَّبِّيۖ فَإِذَا جَآءَ وَعۡدُ رَبِّي جَعَلَهُۥ دَكَّآءَۖ وَكَانَ وَعۡدُ رَبِّي حَقّٗا

Transliteration: (Qaala haaza rahmatun mir Rabbee fa izaa jaaa'a wa'du Rabbee ja'alahoo dakkaaa'a; kaana wa'du Rabbee haqqaa)

उन्होंने कहा, 'यह मेरे रब की ख़ास रहमत है; फिर जब मेरे रब के वादे (क़ियामत के क़रीब) का वक़्त आएगा, तो वह इसे रेज़ा-रेज़ा (ज़मीनदोस्त) कर देगा; और मेरे रब का वादा बिल्कुल सच्चा है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 98 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 98

✅ रहमते इलाही का एतराफ़ और क़ियामत के वादे का यक़ीन

इतनी अज़ीम दीवार बनाने के बाद भी ज़ुलक़रनैन ने कोई घमंड नहीं किया, बल्कि अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए फ़रमाया कि यह सिर्फ़ मेरे रब की रहमत है। जब क़ियामत के क़रीब अल्लाह का मुक़र्रर वक़्त आएगा, तो यह दीवार ज़मीनदोस्त हो जाएगी और याजूज-माजूज निकल पड़ेंगे। अल्लाह का वादा बिल्कुल हक़ और बरहक़ है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now