कुरान - 18:99 सूरह अल-कह्फ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

99
۞وَتَرَكۡنَا بَعۡضَهُمۡ يَوۡمَئِذٖ يَمُوجُ فِي بَعۡضٖۖ وَنُفِخَ فِي ٱلصُّورِ فَجَمَعۡنَٰهُمۡ جَمۡعٗا

Transliteration: (Wa taraknaa ba'dahum Yawma'iziny yamooju fee ba'dinw wa nufikha fis Soori fajama'naahum jam'aa)

और उस दिन हम उन्हें छोड़ देंगे कि वे एक-दूसरे पर लहरों की तरह टूट पड़ेंगे, और सूर फूंका जाएगा तो हम उन सबको एक साथ इकट्ठा कर लेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-कह्फ़ आयत 99 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-कहफ़ - आयत 99

✅ याजूज-माजूज का सैलाब और सूर का फूंका जाना

क़ियामत के क़रीब जब यह दीवार टूटेगी तो याजूज-माजूज हर टीले से उबलते हुए समन्दर की लहरों की तरह पूरी दुनिया में फ़साद मचाएंगे। फिर हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) की दुआ से उनकी हलाकत होगी। इसके बाद जब हज़रत इस्राफ़ील सूर फूंकेंगे, तो तमाम इंसानों को अल्लाह की बारगाह में एक साथ जमा किया जाएगा।

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