कुरान - 5:27 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
۞وَٱتۡلُ عَلَيۡهِمۡ نَبَأَ ٱبۡنَيۡ ءَادَمَ بِٱلۡحَقِّ إِذۡ قَرَّبَا قُرۡبَانٗا فَتُقُبِّلَ مِنۡ أَحَدِهِمَا وَلَمۡ يُتَقَبَّلۡ مِنَ ٱلۡأٓخَرِ قَالَ لَأَقۡتُلَنَّكَۖ قَالَ إِنَّمَا يَتَقَبَّلُ ٱللَّهُ مِنَ ٱلۡمُتَّقِينَ

Transliteration: (Watlu 'alaihim naba abnai Aadama bilhaqq; iz qarrabaa qurbaanan fatuqubbila min ahadihimaa wa lam yutaqabbal minal aakhari qaala la aqtulannnaka qaala innamaa yataqabbalul laahu minal muttaqeen)

और उन्हें आदम के दो बेटों का सच्चा किस्सा सुनाओ, जब दोनों ने अल्लाह के लिए क़ुर्बानी दी। उनमें से एक की क़ुर्बानी क़बूल की गई और दूसरे की नहीं। उसने कहा: मैं तुझे ज़रूर क़त्ल करूंगा [95]। दूसरे ने कहा: अल्लाह तो उसी की क़ुर्बानी क़बूल करता है जो उससे डरता है [98]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-मायदा – आयत 27 की तफ़्सीर

 

✅ [95] हाबील और क़ाबील का वाक़िआ

यह हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) के दो बेटों — हाबील और क़ाबील — का वाक़िआ है। बीबी हव्वा ने जुड़वाँ बच्चे जनें: हाबील और लीवा, तथा क़ाबील और इक़लीमा। शरीअत के अनुसार इक़लीमा, क़ाबील के लिए हराम थी लेकिन लीवा हलाल। फिर भी क़ाबील ने इक़लीमा से शादी करने की ज़िद की क्योंकि वह ज़्यादा हसीन थी। जब हज़रत आदम ने मना किया तो उसने अपने बाप के हुक्म को अल्लाह का हुक्म नहीं माना। मसला हल करने के लिए दोनों को क़ुर्बानी का हुक्म दिया गया — जिसकी क़ुर्बानी आग खा ले, वह सच्चा। क़ाबील ने गेहूं का ढेर रखा और हाबील ने ऊंट या भेड़ की क़ुर्बानी पेश की। आग ने हाबील की क़ुर्बानी खा ली, क़ाबील की रह गई। इससे क़ाबील को हसद हुआ और उसने हाबील को क़त्ल करने का इरादा कर लिया।

✅ [96] क़ुर्बानी की अहमियत

इस वाक़िए से दो बातें साबित होती हैं:
(1) क़ुर्बानी एक पुरानी इबादत है, जो हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) के बेटों से शुरू हुई।
(2) पहले उम्मतों को अपनी क़ुर्बानी का गोश्त खाना जायज़ नहीं था। अल्लाह की तरफ़ से आग आकर क़बूल क़ुर्बानी को खा लेती थी, बाकी सड़ जाती थी। मगर उम्मत-ए-मुहम्मदिया की ख़ास बात यह है कि इसमें क़ुर्बानी का गोश्त खाना जायज़ है।

✅ [97] क़ाबील की धमकी

जब हज़रत आदम हज पर गए तो क़ाबील ने हाबील को साफ़ धमकी दी कि वह उसे क़त्ल कर देगा।

✅ [98] क़ाबूलियत की वजह

अल्लाह ने फ़रमाया कि क़ाबील की क़ुर्बानी उसकी अपनी वजह से नामंज़ूर हुई — क्योंकि वह मुत्तक़ी नहीं था। अल्लाह सिर्फ़ उन्हीं की क़ुर्बानी क़बूल करता है जो उससे डरते हैं।

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