Transliteration: (Fatawwa'at lahoo nafsu hoo qatla akheehi faqatalahoo fa asbaha minal khaasireen)
यह संकेत करता है कि क़ाबील ने हाबील का सिर एक पत्थर पर रखा और दूसरे पत्थर से कुचल दिया। यह तरीका उसे शैतान ने सिखाया था। यह घटना या तो मक्का में या बसरा में घटी, उस समय हाबील की उम्र लगभग बीस वर्ष थी।
इस दुखद घटना से कई महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं:
इंसान द्वारा किया गया पहला जुर्म क़त्ल था, जो इंसानों के बीच पहली खून-खराबी का कार्य बना।
हसद (ईर्ष्या) एक खतरनाक बुराई है; यही ईर्ष्या शैतान की तबाही का कारण बनी, जो इसकी विनाशकारी शक्ति को दर्शाती है।
दुनिया की पहली फ़साद और बग़ावत का कारण एक औरत बनी।
औरत, माल-दौलत और जायदाद — ये तीन चीज़ें दुनिया में फ़साद की जड़ हैं।
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