कुरान - 5:4 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
يَسۡـَٔلُونَكَ مَاذَآ أُحِلَّ لَهُمۡۖ قُلۡ أُحِلَّ لَكُمُ ٱلطَّيِّبَٰتُ وَمَا عَلَّمۡتُم مِّنَ ٱلۡجَوَارِحِ مُكَلِّبِينَ تُعَلِّمُونَهُنَّ مِمَّا عَلَّمَكُمُ ٱللَّهُۖ فَكُلُواْ مِمَّآ أَمۡسَكۡنَ عَلَيۡكُمۡ وَٱذۡكُرُواْ ٱسۡمَ ٱللَّهِ عَلَيۡهِۖ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَۚ إِنَّ ٱللَّهَ سَرِيعُ ٱلۡحِسَابِ

Transliteration: (Yas'aloonaka maazaaa uhilla lahum; qul uhilla lakumuttaiyibaatu wa maa'allamtum minal jawaarihi mukallibeena tu'allimoonahunnamimmaa 'allamakumul laahu fakuloo mimmaaa amsakna 'alaikum wazkurus mal laahi 'alaih; wattaqul laah; innal laaha saree'ul hisaab)

कह दो: तुम्हारे लिए पाक और अच्छी चीज़ें हलाल कर दी गई हैं [26], और वह शिकार करने वाले जानवर भी, जिन्हें तुमने शिकार के लिए सिखाया हो [27], उन्हें उसी तरह सिखाया हो जैसा अल्लाह ने तुम्हें सिखाया है। तो जो वह तुम्हारे लिए पकड़ें, उसमें से खाओ [28], और उस पर अल्लाह का नाम लो [29], और अल्लाह से डरते रहो। बेशक अल्लाह हिसाब लेने में तेज़ है [30]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-माइदा – आयत 4 की तफ़्सीर

 

✅ [25] हलाल शिकारी जानवर

इससे मुराद ऐसे जानवर हैं जिनका शिकार करना और खाना इस्लाम में जायज़ है। ध्यान दें: हनफ़ी मस्लक के मुताबिक मछली के सिवा कोई भी समुंदरी जानवर हलाल नहीं, और ज़मीन पर बिना खून वाले कीड़े मकोड़े (जैसे मेंढक, साँप आदि) हराम हैं, सिवाय टिड्डी के। तेज़ पंजों वाले परिंदे और शिकार करने वाले पक्षी खाना हराम है। पाक और अच्छी चीज़ें यानी वह जो शरीअत में हलाल और तबीअत के लिए मुफीद हों।

✅ [26] हलाल चीज़ें ही पाक और अच्छी होती हैं

इस्लाम में जो चीज़ें हराम नहीं, वे फितरतन पाक और हलाल मानी जाती हैं। लज़ीज़ और मज़ेदार हलाल खाना खाना गुनाह नहीं, बल्कि सच्चा परहेज़गारी हराम से बचने में है, न कि हलाल को खुद पर हराम करने में।

✅ [27] सिखाए गए शिकारी जानवर

इसमें शामिल हैं कुत्ते, चीते, बाज़, शिकार के लिए तैयार किए गए दूसरे परिंदे। इन्हें इस तरह सिखाया जाता है कि ये शिकार को खुद न खाएं, बल्कि मालिक के हुक्म पर वापस लाएं। जैसे जंगली बिल्ली अगर मुर्गी मार दे, तो वह हराम है, क्योंकि वह सिखाई हुई नहीं, और वह शिकार खुद के लिए करती है।

✅ [28] सिखाए गए जानवर का पकड़ा हुआ शिकार खाना

अगर आपका सिखाया हुआ जानवर शिकार को पकड़ कर लाए, और उसे न खाए, तो वह शिकार आपके लिए हलाल है। लेकिन अगर उसने उसका कुछ हिस्सा खा लिया, तो वह हराम हो जाता है, क्योंकि फिर वह शिकार आपके लिए नहीं, जानवर के लिए हुआ।

✅ [29] अल्लाह का नाम लेना

जब आप अपने शिकारी जानवर को छोड़ें, तो बिस्मिल्लाह पढ़ना ज़रूरी है। यही इस्लामी तरीके से हलाल शिकार करने का एक अहम हिस्सा है।

✅ [30] अल्लाह हिसाब लेने में तेज़ है

इसमें अल्लाह की तेज़ और मुकम्मल हिसाब लेने की ताक़त का बयान है। क़ियामत के दिन, कुछ ही घड़ियों में तमाम मख़लूक़ का हिसाब पूरा हो जाएगा, और उसके बाद हुज़ूर ﷺ का असली मुक़ाम और शान ज़ाहिर होगी।

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