कुरान - 5:73 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
لَّقَدۡ كَفَرَ ٱلَّذِينَ قَالُوٓاْ إِنَّ ٱللَّهَ ثَالِثُ ثَلَٰثَةٖۘ وَمَا مِنۡ إِلَٰهٍ إِلَّآ إِلَٰهٞ وَٰحِدٞۚ وَإِن لَّمۡ يَنتَهُواْ عَمَّا يَقُولُونَ لَيَمَسَّنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۡهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمٌ

Transliteration: (laqad kafaral lazeena qaalooo innal laaha saalisu salaasah; wa maa min ilaahin illaaa Ilaahunw Waahid; wa illam yantahoo 'ammaa yaqooloona layamas sannal lazeena kafaroo minhum 'azaabun aleem)

"बेशक काफ़िर हैं वे लोग जो कहते हैं: 'अल्लाह तीन में से तीसरा है' [219], हालाँकि कोई माबूद नहीं सिवाय एक अल्लाह के। और अगर वे अपनी बातों से बाज़ न आएँ, तो यक़ीनन उन में से जो काफ़िर हैं, उन्हें दर्दनाक अज़ाब मिलेगा [220]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-माइदा – आयत 73 की तफ़्सीर

 

✅ [219] नसारा का 'त्रिनिटी' (तीन-ख़ुदाई) का अक़ीदा:

  • ईसाईयों के कुछ फ़िर्क़े जैसे मारकूसीन और नस्तूरिया, इस अक़ीदे को मानते हैं कि अल्लाह तीन में से एक हैं — यानी पिता (Father), बेटा (Son), और रूह-उल-क़ुद्स (Holy Spirit)।
  • उनके मुताबिक़:
    • अल्लाह = पिता
    • हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) = बेटा
    • हज़रत जिबरील (अलैहिस्सलाम) = रूह-उल-क़ुद्स
  • यह तस्लीस (त्रिनिटी) का अक़ीदा इस्लाम में शिर्क कहलाता है, क्योंकि यह एकेश्वरवाद (तौहीद) के खिलाफ़ है।

✅ [220] इस अक़ीदे पर चेतावनी और अंजाम:

  • जो लोग इस शिर्की अक़ीदे पर क़ायम रहते हैं और मरने से पहले तौबा नहीं करते, उनके लिए दर्दनाक अज़ाब मुकर्रर है।
  • लेकिन किसी इंसान की अंतिम हालत (ख़ातिमा) पर फैसला उसी वक़्त होता है जब उसकी मौत आती है।
  • इसलिए अल्लाह की तरफ़ सच्चे दिल से तौबा करना और शिर्क से तौहीद की तरफ़ लौटना ज़रूरी है ताकि इंसान इस भयानक अंजाम से बच सके।
  • आने वाली आयतें भी इसी तौबा और अल्लाह की रहमत पर रोशनी डालती हैं।

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