कुरान - 5:91 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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إِنَّمَا يُرِيدُ ٱلشَّيۡطَٰنُ أَن يُوقِعَ بَيۡنَكُمُ ٱلۡعَدَٰوَةَ وَٱلۡبَغۡضَآءَ فِي ٱلۡخَمۡرِ وَٱلۡمَيۡسِرِ وَيَصُدَّكُمۡ عَن ذِكۡرِ ٱللَّهِ وَعَنِ ٱلصَّلَوٰةِۖ فَهَلۡ أَنتُم مُّنتَهُونَ

Transliteration: (Innamaa yureedush Shaitaanu ai yooqi'a bainakumul 'adaawata wal baghdaaa'a fil khamri wal maisiri wa yasuddakum 'an zikril laahi wa 'anis Salaati fahal antum muntahoon)

शैतान तो बस यह चाहता है कि शराब और जुआ के ज़रिए वह तुम्हारे बीच दुश्मनी और नफ़रत डलवा दे [252], और तुम्हें अल्लाह की याद से और नमाज़ से रोक दे [253]। तो क्या अब तुम बाज़ आओगे? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 91 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-माइदा – आयत 91 की तफ़्सीर

✅ [252] शराब और जुआ से सांसारिक और आध्यात्मिक हानि

शराब पीने से नफ़रत पैदा होती है, जो अक्सर झगड़े और हत्या तक पहुंच जाती है। जुए में हारने वाला व्यक्ति गहरी जलन और दुश्मनी रखता है, जो कई बार हिंसा तक बढ़ जाती है। यही है इसकी दुनियावी हानि। धार्मिक हानि यह है कि इससे नमाज़ और अल्लाह की याद में ग़फ़लत होती है, जिससे इंसान ईमान से दूर हो जाता है।

✅ [253] नमाज़ से रोकने वाली हर चीज़ बुराई है

इससे यह बात समझ में आती है कि कोई भी ऐसा काम जो अल्लाह की याद या नमाज़ से रोकता है, वह स्वतः ही नुकसानदायक है। इसी कारण से जुमे की अज़ान के बाद व्यापारिक लेन-देन भी हराम कर दिया गया — ताकि इबादत को दुनिया पर प्राथमिकता दी जा सके।

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