कुरान - 5:90 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ إِنَّمَا ٱلۡخَمۡرُ وَٱلۡمَيۡسِرُ وَٱلۡأَنصَابُ وَٱلۡأَزۡلَٰمُ رِجۡسٞ مِّنۡ عَمَلِ ٱلشَّيۡطَٰنِ فَٱجۡتَنِبُوهُ لَعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ

Transliteration: (Yaaa aiyuhal lazeena aamanooo innamal khamru walmaisiru wal ansaabu wal azlaamu rijsum min 'amalish shaitaani fajtaniboohu la'al lakum tuflihoon)

ऐ ईमान वालों! शराब, जुआ, बुत, और तीरों द्वारा भाग्य बताना, ये सब सिर्फ गंदगी हैं [249]... (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 90 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-माइदा – आयत 90 की तफ़्सीर

✅ [249] शराब, जुआ, बुत-पूजा और टोना-टोटका पूरी तरह हराम

यहाँ जो शराब का ज़िक्र है, वह अंगूर से बनी मदिरा है, जिसे इस्लाम में बिलकुल हराम और नापाक कहा गया है — चाहे नशा करे या न करे। यही हुक्म जुए के हर रूप पर लागू होता है — वह भी पूरी तरह हराम है। अन्य प्रकार की शराबें भी अगर नशा पैदा करती हैं, तो वे भी हराम हैं, थोड़ी मात्रा में भी।
इसी तरह, बुत-पूजा, बुत बनाना, उनकी ख़रीद-फ़रोख़्त, और किस्मत बताने, टोने-टोटकों, और झूठे माध्यमों से पैसा लेना या देना, सब कुछ सख़्ती से मना किया गया है।

✅ [250] ये सब शैतान के काम हैं

इन सभी चीज़ों को शैतान के काम बताया गया है — यानी ये वो हथियार हैं जिनसे शैतान इंसान को गुमराह करता है। वह खुद तो ऐसा नहीं करता, लेकिन लोगों को उकसाता है ताकि वे अल्लाह की नाफ़रमानी करें।
यह आयत उन पहले की आयतों को रद्द करती है जिनमें शराब अभी पूर्णतः हराम नहीं हुई थी। अब यह अंतिम और निर्णायक हुक्म है।

✅ [251] बुराई से बचना कामयाबी की कुंजी है

इस आयत से दो अहम बातें सीखने को मिलती हैं:

  1. सिर्फ नेकियाँ करना काफ़ी नहीं, बल्कि बुराइयों से बचना भी अनिवार्य है।
  2. गुनाह से परहेज़ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और आख़िरत की सफलता के लिए होना चाहिए।
    सच्ची कामयाबी उन्हीं को मिलेगी जो इन हराम चीज़ों से दिल से दूर रहें।

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