कुरान - 5:98 सूरह अल-मायदा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

98
ٱعۡلَمُوٓاْ أَنَّ ٱللَّهَ شَدِيدُ ٱلۡعِقَابِ وَأَنَّ ٱللَّهَ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

Transliteration: (I'lamooo annal laaha shadeedul 'iqaabi wa annal laaha Ghafoorur Raheem)

जान लो कि अल्लाह का अज़ाब बहुत सख़्त है, लेकिन अल्लाह माफ़ करने वाला, रहमत वाला भी है [269]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मायदा आयत 98 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-माइदा – आयत 98 की तफ़्सीर

✅ [269] अल्लाह की सिफ़ात में खौफ़ और उम्मीदी का संतुलन

यह आयत इस बात की तज़्कीर कराती है कि जहाँ अल्लाह का अज़ाब बहुत सख़्त है, वहीं वह बेहद माफ़ करने वाला और मेहरबान भी है। एक सच्चे मोमिन को चाहिए कि वह अल्लाह के इंसाफ़ से डरे, लेकिन उसकी रहमत से उम्मीद भी रखे। खौफ़ और उम्मीद का यही संतुलन इंसान के ईमान को मज़बूत करता है और उसे सीधे रास्ते पर क़ायम रखता है।

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