Transliteration: (Fattakhaztumoohum sikhriyyan hattaaa ansawkum zikree wa kuntum minhum tadhakoon)
"तो तुमने उन्हें एक मज़ाक़ बना लिया [150], यहाँ तक कि तुम्हें मेरी याद भुला दी [151], और तुम उन पर हंसा करते थे!"
मुशरिक और मुनकिर लोग दुनिया में इन नेक और ग़रीब मोमिनों (जैसे हज़रत बिलाल, अम्मार, सुहैब रज़ियल्लाहु अन्हुम) का मज़ाक़ उड़ाया करते थे और उनकी सादगी व इबादत पर हंसते थे।
अल्लाह वालों का मज़ाक़ उड़ाते-उड़ाते वे इस हद तक ग़फ़लत में डूब गए कि उन्हें अल्लाह की याद और आख़िरत की फ़िक्र तक भूल गई। नेक लोगों का इस्तेहज़ा इंसान को रूहानी बर्बादी और कुफ़्र तक पहुंचा देता है।
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