कुरान - 23:108 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

108
قَالَ ٱخۡسَـُٔواْ فِيهَا وَلَا تُكَلِّمُونِ

Transliteration: (Qaalakh sa'oo feehaa wa laa tukallimoon)

अल्लाह फ़रमाएगा, 'इसी में ज़लील व ख़्वार होकर पड़े रहो [147] और मुझसे कोई बात न करो!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 108 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-मोमिनून – आयत 108

"अल्लाह फ़रमाएगा, 'इसी में पड़े रहो [147] और मुझसे बात न करो!'"

[147] कलाम से मुकम्मल रोक और दायमी हिक़ारत

अल्लाह तआला का यह क़तई और जलाल भरा फ़रमान होगा कि इसी दोज़ख़ में ज़लील व रुसवा होकर पड़े रहो और आइंदा मुझसे कलाम न करो। इसके बाद उनके बोलने पर मुकम्मल पाबंदी लग जाएगी और वे सिर्फ़ जानवरों की तरह चीख़ते-चिल्लाते रहेंगे। यह उनकी मुकम्मल मायूसी का मक़ाम होगा।

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