Transliteration: (Inee jazaituhumul Yawma bimaa sabarooo annahum humul faaa'izoon)
"बेशक आज मैंने उन्हें उनके सब्र का यह बदला दिया है [152] कि वही लोग कामयाब हैं।"
जिन मोमिनों ने दुनिया में तकलीफ़ों, ज़ुल्म और मुशरिकों के मज़ाक़ पर सब्र किया और अपने दीन पर जमे रहे, आज अल्लाह तआला ने उन्हें ऐसा अज़ीम अज्र व सवाब दिया जो इंसान के वहम व गुमान से भी बाहर है। वे हमेशा के लिए कामयाब व कामरां हो गए।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat