कुरान - 23:21 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

21
وَإِنَّ لَكُمۡ فِي ٱلۡأَنۡعَٰمِ لَعِبۡرَةٗۖ نُّسۡقِيكُم مِّمَّا فِي بُطُونِهَا وَلَكُمۡ فِيهَا مَنَٰفِعُ كَثِيرَةٞ وَمِنۡهَا تَأۡكُلُونَ

Transliteration: (Wa inna lakum fil an'aami la'ibrah; nusqeekum mimmaa fee butoonihaa wa lakum feehaa manaafi'u kaseeratunw wa minhaa taakuloon)

21. और बेशक तुम्हारे लिए मवेशियों (चौपायों) में भी बड़ी इब्रत (सबक़) है; जो कुछ उनके पेटों में है हम उसमें से तुम्हें (दूध) पिलाते हैं [28], और तुम्हारे लिए उनमें बहुत से फ़ायदे हैं [29] और उनमें से बाज़ को तुम खाते हो [30] ; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 21 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 21 की तफ़सीर

"और बेशक तुम्हारे लिए मवेशियों (चौपायों) में भी बड़ी इब्रत (सबक़) है; जो कुछ उनके पेटों में है हम उसमें से तुम्हें (दूध) पिलाते हैं [28], और तुम्हारे लिए उनमें बहुत से फ़ायदे हैं [29] और उनमें से बाज़ को तुम खाते हो [30] ;"

[28] गोबर और ख़ून के दरमियान से ख़ालिस दूध

अल्लाह तआला की अज़ीम क़ुदरत पर ग़ौर करो कि जानवरों के पेट में गोबर और ख़ून के दरमियान से निहायत पाकीज़ा, लज़ीज़ और सेहत-बख़्श दूध निकलता है जिसमें न गोबर की बदबू होती है और न ख़ून की रंगत। यह उसकी बे-मिसाल कारीगरी का खुला सबूत है।

[29] चौपायों के मुतअद्दिद फ़ायदे

चौपायों से इंसान को बे-शुमार फ़ायदे हासिल होते हैं: उनकी खालों से लिबास, जूते और ख़ेमे बनते हैं; उनकी ऊन और बालों से कम्बल व साज़ो-सामान तैयार होते हैं; और उनके गोबर को ईंधन और खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

[30] हलाल ग़िज़ा और गोश्त

इसके अलावा अल्लाह ने उनके गोश्त को इंसानों के लिए हलाल और मुक़व्वी ग़िज़ा बनाया है। इंसान को चाहिए कि इन तमाम नेमतों पर अपने ख़ालिक़ का शुक्र अदा करे।

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