कुरान - 23:29 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

29
وَقُل رَّبِّ أَنزِلۡنِي مُنزَلٗا مُّبَارَكٗا وَأَنتَ خَيۡرُ ٱلۡمُنزِلِينَ

Transliteration: (Wa qur Rabbi anzilnee munzalam mubaarakanw wa Anta khairul munzileen)

29. और कहो, 'ऐ मेरे रब! मुझे बा-बरकत उतरना उतार [47], और तू ही सबसे बेहतर उतारने वाला (पनाह देने वाला) है!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 29 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 29 की तफ़सीर

"और कहो, 'ऐ मेरे रब! मुझे बा-बरकत उतरना उतार [47], और तू ही सबसे बेहतर उतारने वाला (पनाह देने वाला) है!'"

[47] बा-बरकत मंज़िल की मसनून दुआ

हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) को तालीम दी गई कि कश्ती से उतरते वक़्त यह दुआ करें: 'रब्बि अनज़िल्नी मुनज़लन मुबारकतं व अन्ता ख़ैरुल मुनज़िलीन'। यह दुआ किसी भी सफ़र से उतरने, नए घर में दाख़िल होने या नई जगह क़ियाम करने के वक़्त पढ़ना बेहद मुबारक़ और हिफ़ाज़त का ज़रिया है।

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