कुरान - 23:49 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

49
وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ لَعَلَّهُمۡ يَهۡتَدُونَ

Transliteration: (Wa laqad aatainaa Moosal Kitaaba la'allahum yahtadoon)

49. और बेशक हमने मूसा को किताब (तौरात) अता फ़रमाई ताकि वे हिदायत पाएं [76]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 49 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 49 की तफ़सीर

"और बेशक हमने मूसा को किताब (तौरात) अता फ़रमाई ताकि वे हिदायत पाएं [76];"

[76] तौरात शरीफ़ का नुज़ूल

फ़िरऔन की हलाकत के बाद जब बनी इसराईल आज़ाद हुए, तो अल्लाह तआला ने कोहे तूर पर हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को तौरात शरीफ़ अता फ़रमाई ताकि वे उसके अहकाम, हलाल व हराम और शरीअत के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारें और हिदायत पर साबित-क़दम रहें।

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