कुरान - 23:58 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

58
وَٱلَّذِينَ هُم بِـَٔايَٰتِ رَبِّهِمۡ يُؤۡمِنُونَ

Transliteration: (Wallazeena hum bi Aayaati Rabbihim yu'minoon)

58. और जो अपने रब की आयतों पर (सच्चे दिल से) ईमान रखते हैं [89]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 58 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-मोमिनून — आयत 58 की तफ़सीर

"और जो अपने रब की आयतों पर (सच्चे दिल से) ईमान रखते हैं [89];"

[89] क़ुरआनी आयतों पर कामिल ईमान व अमल

तफ़सीर रूहुल बयान में है कि ईमान सिर्फ़ ज़बान से इक़रार का नाम नहीं बल्कि अहकामे इलाही पर सिद्क़े दिल से अमल करना भी इसमें शामिल है।

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