कुरान - 23:84 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

84
قُل لِّمَنِ ٱلۡأَرۡضُ وَمَن فِيهَآ إِن كُنتُمۡ تَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Qul limanil ardu wa man feehaaa in kuntum ta'lamoon)

(ऐ नबी!) आप फ़रमाइए, 'यह ज़मीन और जो कुछ इसमें है सब किसका है, अगर तुम कुछ इल्म रखते हो?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 84 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-मोमिनून – आयत 84

"आप फ़रमाइए; 'यह ज़मीन और जो कुछ इसमें है सब किसका है, अगर तुम कुछ इल्म रखते हो?'"

अल्लाह की मिल्कियत का अक़्ली मुतालबा

इस आयत में अल्लाह तआला ने नबी-ए-करीम ﷺ को हुक्म दिया कि मुशरिकों के सामने एक गहरा और संजीदा सवाल रखें कि ज़मीन और जो कुछ इसमें है सब किसकी मिल्कियत है?

मक्के के बड़े से बड़े मुशरिक भी अपनी फ़ितरत में यह बात तस्लीम करते थे कि ज़मीन और कायनात का हक़ीक़ी मालिक अल्लाह ही है। इस सवाल का मक़सद उनके तज़ाद (विरोधाभास) को बेनक़ाब करना था कि जब तुम ख़ुद मानते हो कि सब कुछ अल्लाह का है, तो फिर उसके अहकाम से सरकशी क्यों करते हो और दोबारा ज़िन्दा किए जाने का इन्कार क्यों करते हो?

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