कुरान - 23:89 सूरह अल-मुमिनून अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

89
سَيَقُولُونَ لِلَّهِۚ قُلۡ فَأَنَّىٰ تُسۡحَرُونَ

Transliteration: (Sa yaqooloona lillaah; qul fa annaa tus haroon)

वे फ़ौरन कहेंगे, '(यह सब इख़्तियार) अल्लाह ही के लिए है!' आप कहिए, 'फिर तुम पर कहाँ से जादू कर दिया जाता है (तुम्हारी अक़्ल कहाँ मारी जाती है)?' [124] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-मुमिनून आयत 89 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-मोमिनून – आयत 89

"वे फ़ौरन कहेंगे, 'यह सब अल्लाह ही के लिए है।' आप कहिए, 'फिर तुम पर कहाँ से जादू कर दिया जाता है?' [124]"

[124] इक़रार के बावजूद अमल से महरूमी और फ़रेब

जब मुशरिकों से पूछा गया कि किसके हाथ में मलकूत है और कौन पनाह देता है, तो वे मान गए कि यह सब सिर्फ़ अल्लाह की शान और इख़्तियार है।

लेकिन इस ज़बानी इक़रार के बावजूद वे न तो शिर्क छोड़ते थे और न ही रसूलुल्लाह ﷺ पर ईमान लाते थे। उनकी इस हालत को जादू या मम्हूरियत (फ़रेब) से ताबीर किया गया—यानी वे ऐसे शख़्स की तरह हैं जो हक़ को अपनी आंखों से देखकर भी किसी तिलिस्म में जकड़ा हुआ हो और हक़ को अपनाने से क़ासिर रहे।

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