कुरान - 54:11 सूरह अल-क़मर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

11
فَفَتَحۡنَآ أَبۡوَٰبَ ٱلسَّمَآءِ بِمَآءٖ مُّنۡهَمِرٖ

Transliteration: (Fafatahnaaa abwaabas samaaa'i bi maaa'in munhamir)

तो हमने ज़ोरदार बरसने वाले पानी के साथ आसमान के दरवाज़े खोल दिए [17]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़मर आयत 11 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़मर तफ़सीर - आयत 11

"तो हमने ज़ोरदार बरसने वाले पानी के साथ आसमान के दरवाज़े खोल दिए [17]!"


[17] आसमान से मूसलाधार पानी का तूफ़ान

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की दुआ पर आसमान से लगातार चालीस दिन और रात मूसलाधार बारिश हुई, गोया आसमान के तमाम दरवाज़े खोल दिए गए हों और पानी की नदियाँ उमड़ पड़ी हों।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now