कुरान - 28:11 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

11
وَقَالَتۡ لِأُخۡتِهِۦ قُصِّيهِۖ فَبَصُرَتۡ بِهِۦ عَن جُنُبٖ وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ

Transliteration: (Wa qaalat li ukhtihee qusseehi fabasurat bihee 'an junubinw wahum laa yash'uroon)

और मूसा की वालिदा ने उनकी बहन (मरयम) से कहा, 'इसके पीछे-पीछे जाओ [27]।' तो वह उन्हें दूर ही दूर से देखती रही [28] और वे लोग बे-ख़बर थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 11 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 11

"और मूसा की वालिदा ने उनकी बहन (मरयम) से कहा, 'इसके पीछे-पीछे जाओ [27]।' तो वह उन्हें दूर ही दूर से देखती रही [28] और वे लोग बे-ख़बर थे।"

[27] बहन की ज़िम्मेदारी

हज़रत मूसा की वालिदा ने अपनी बेटी हज़रत मरयम से कहा कि दरिया के किनारे-किनारे संदूक़ के पीछे जाओ और देखो कि बच्चा कहाँ ठहरता है और उसके साथ क्या मामला पेश आता है।

[28] दूर से निगरानि करना

हज़रत मरयम बड़ी हिकमत और होशियारी से दूर-दूर रहते हुए देखती रहीं ताकि किसी को यह शक न हो कि उनका इस बच्चे से कोई ताल्लुक़ या वास्ता है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now