कुरान - 28:9 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
وَقَالَتِ ٱمۡرَأَتُ فِرۡعَوۡنَ قُرَّتُ عَيۡنٖ لِّي وَلَكَۖ لَا تَقۡتُلُوهُ عَسَىٰٓ أَن يَنفَعَنَآ أَوۡ نَتَّخِذَهُۥ وَلَدٗا وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ

Transliteration: (Wa qaalatim ra atu Fir'awna qurratu 'aynil lee wa lak; laa taqtuloohu 'asaaa aiyanfa'anaa aw nattakhizahoo waladanw wa hum laa yash'uroon)

और फ़िरऔन की बीवी (आसिया) ने कहा [20], 'यह मेरी और तुम्हारी आंखों की ठंडक है [21]! इसे क़त्ल न करो, अजब नहीं कि यह हमें नफ़ा पहुंचाए [22] या हम इसे अपना बेटा ही बना लें [23];' और वे (असल अंजाम से) बे-ख़बर थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 9

"और फ़िरऔन की बीवी (आसिया) ने कहा [20], 'यह मेरी और तुम्हारी आंखों की ठंडक है [21]! इसे क़त्ल न करो, अजब नहीं कि यह हमें नफ़ा पहुंचाए [22] या हम इसे अपना बेटा ही बना लें [23];' और वे (असल अंजाम से) बे-ख़बर थे।"

[20] हज़रत आसिया रज़ियल्लाहु अन्हा का कलाम

फ़िरऔन की नेक-दिल बीवी हज़रत आसिया ने जब संदूक़ खोला और बच्चे के नूरानी चेहरे को देखा तो अल्लाह ने उनके दिल में बेपनाह मोहब्बत डाल दी। फ़िरऔन जब इसराईली बच्चा समझकर क़त्ल करने लगा तो हज़रत आसिया ने उसकी हिफ़ाज़त के लिए पैरवी की।

[21] आँखों की ठंडक

उन्होंने फ़रमाया कि यह बच्चा मेरी और तुम्हारी आँखों की ठंडक बनेगा। हज़रत आसिया के लिए तो वह दुनिया व आख़िरत में आँखों की ठंडक और ईमान का सबब बने, मगर बदबख़्त फ़िरऔन ने कहा कि तुम्हारे लिए होगा, मुझे इसकी ज़रूरत नहीं।

[22] नफ़ा पहुंचाने की उम्मीद

उन्होंने दलील दी कि यह बच्चा बड़ा होकर हमारे कामों में मददगार साबित होगा, इसलिए इसे क़त्ल करने के बजाय ज़िंदा रखना मुफ़ीद है।

[23] मुतसन्ना (लेपालक) बेटा बनाना

चूँकि उनके कोई औलाद न थी, इसलिए उन्होंने मशविरा दिया कि हम इसे अपना बेटा बना लेते हैं। वे न जानते थे कि जिसे वे पाल रहे हैं, वही उनके बातिल तख़्त को उखाड़ फेंकेगा।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now