कुरान - 28:8 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
فَٱلۡتَقَطَهُۥٓ ءَالُ فِرۡعَوۡنَ لِيَكُونَ لَهُمۡ عَدُوّٗا وَحَزَنًاۗ إِنَّ فِرۡعَوۡنَ وَهَٰمَٰنَ وَجُنُودَهُمَا كَانُواْ خَٰطِـِٔينَ

Transliteration: (Faltaqatahooo Aalu Fir'awna li yakoona lahum 'aduwwanw wa hazanaa; inna Fir'awna wa Haamaana wa junooda humaa kaanoo khaati'een)

फिर फ़िरऔन के घर वालों ने उसे उठा लिया [18] ताकि वह (आख़िरकार) उनका दुश्मन और (उनके लिए) ग़म का बाइस बने [19]; बेशक फ़िरऔन, हामान और उनके लश्कर सख़्त ख़ताकार थे [20]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 8

"फिर फ़िरऔन के घर वालों ने उसे उठा लिया [18] ताकि वह (आख़िरकार) उनका दुश्मन और (उनके लिए) ग़म का बाइस बने [19]; बेशक फ़िरऔन, हामान और उनके लश्कर सख़्त ख़ताकार थे [20]।"

[18] फ़िरऔन के घराने का बच्चे को उठाना

संदूक़ बहते-बहते फ़िरऔन के महल के किनारे आ लगा। फ़िरऔन के ख़ादिमों ने संदूक़ निकाला और महल में ले गए। कुदरत की कैसी अज़ीम हिकमत है कि जिस बच्चे के ख़ौफ़ से फ़िरऔन सारी दुनिया में क़त्ले-आम कर रहा था, उसी को अपने हाथों से उठाकर अपने महल में ले आया!

[19] दुश्मन और रंज का सबब बनना

फ़िरऔन ने तो उसे औलाद की तरह पालने के लिए उठाया था, मगर अल्लाह की तदबीर यह थी कि वही बच्चा आगे चलकर फ़िरऔन का जानी दुश्मन और उसकी हलाकत का बाइस बने।

[20] फ़िरऔन और उसके लश्करों की ख़ताकारी

फ़िरऔन, हामान और उनके लश्कर अपनी ताक़त और साज़िशों के नशे में मस्त थे, मगर वे भूल गए थे कि अल्लाह की हिकमत और क़ुदरत के आगे बड़े-बड़े ज़ालिमों की तदबीरें धूल चाट जाती हैं।

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