कुरान - 28:12 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
۞وَحَرَّمۡنَا عَلَيۡهِ ٱلۡمَرَاضِعَ مِن قَبۡلُ فَقَالَتۡ هَلۡ أَدُلُّكُمۡ عَلَىٰٓ أَهۡلِ بَيۡتٖ يَكۡفُلُونَهُۥ لَكُمۡ وَهُمۡ لَهُۥ نَٰصِحُونَ

Transliteration: (Wa harramnaa 'alaihil maraadi'a min qablu faqaalat hal adullukum 'alaaa ahli baitiny yakfuloonahoo lakum wa hum lahoo naasihoon)

और हमने पहले ही मूसा पर (दूसरी) दूध पिलाने वाली औरतों का दूध हराम (मम्नूअ) कर दिया था [29]; तो उस (बहन) ने कहा, 'क्या मैं तुम्हें एक ऐसे घराने का पता बताऊँ जो तुम्हारी ख़ातिर इस बच्चे की परवरिश करे [30] और वे इसके पूरे ख़ैरख़्वाह हों?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 12

"और हमने पहले ही मूसा पर (दूसरी) दूध पिलाने वाली औरतों का दूध हराम (मम्नूअ) कर दिया था [29]; तो उस (बहन) ने कहा, 'क्या मैं तुम्हें एक ऐसे घराने का पता बताऊँ जो तुम्हारी ख़ातिर इस बच्चे की परवरिश करे [30] और वे इसके पूरे ख़ैरख़्वाह हों?'"

[29] दूसरी अन्नाओं (दूध पिलाने वालियों) का दूध मम्नूअ होना

महल में जब बच्चा रोने लगा तो फ़िरऔन ने मिस्र की बेहतरीन दूध पिलाने वाली औरतें जमा कीं, मगर हज़रत मूसा ने किसी का भी पिस्तान मुंह में न लिया। यह अल्लाह तआला का तक़वीनी फ़ैसला था ताकि वे अपनी हक़ीक़ी माँ की ही छाती से दूध पिएं।

[30] एक ख़ैरख़्वाह घराने की रहनुमाई

जब सब परेशान हो गए तो हज़रत मूसा की बहन आगे बढ़ीं और बड़ी दानाई से कहा कि क्या मैं तुम्हें एक ऐसे पाक और नेक घराने का पता बताऊँ जो इस शहज़ादे की मुहब्बत और ख़ुलूस के साथ परवरिश करे!

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