Transliteration: (Wa akhee Haaroonu huwa afsahu minnee lisaanan fa arsilhu ma'iya rid ai yusaddiquneee innee akhaafu ai yukazziboon)
"और मेरा भाई हारून, वह ज़बान के एतबार से मुझसे ज़्यादा फ़सीह (साफ़ बोलने वाला) है [94], पस उसे मेरे साथ मददगार बनाकर भेज [95] ताकि वह मेरी तस्दीक़ करे; मुझे अंदेशा है कि वे मुझे झुठलाएंगे [96]।'"
हज़रत हारून की ज़बान में रवानी और फ़साहत ज़्यादा थी, जबकि हज़रत मूसा की ज़बान में बचपन में अंगारा मुंह में रख लेने की वजह से हल्का सा लुक़नत का असर था।
हज़रत मूसा ने दुआ की कि मेरे भाई हारून को भी नबी और मेरा वज़ीर बनाकर मेरे साथ भेजा जाए ताकि वह तबलीग़-ए-दीन और दरबार-ए-फ़िरऔन में मेरी मदद करे।
फ़िरऔनी बड़े मुतकब्बिर और हठधर्म थे, इसलिए दो रसूलों का मुत्तहिद होकर जाना हुज्जत को ज़्यादा मज़बूत करने का सबब था।
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