कुरान - 28:35 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
قَالَ سَنَشُدُّ عَضُدَكَ بِأَخِيكَ وَنَجۡعَلُ لَكُمَا سُلۡطَٰنٗا فَلَا يَصِلُونَ إِلَيۡكُمَا بِـَٔايَٰتِنَآۚ أَنتُمَا وَمَنِ ٱتَّبَعَكُمَا ٱلۡغَٰلِبُونَ

Transliteration: (Qaala sanashuddu 'adudaka bi akheeka wa naj'alu lakumaa sultaanan falaa yasiloona ilaikumaa; bi Aayaatinaa antumaa wa manit taba'akumal ghaaliboon)

(अल्लाह ने) फ़रमाया, 'हम तुम्हारे भाई के ज़रिये तुम्हारे बाज़ू को मज़बूत करेंगे [97], और तुम दोनों को ऐसा ग़लबा (रोब) अता करेंगे [98] कि वे हमारी निशानियों के बाइस तुम तक पहुंच न सकेंगे [99]; तुम दोनों और जो तुम्हारी पैरवी करेंगे वही ग़ालिब रहेंगे [100]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 35

"(अल्लाह ने) फ़रमाया, 'हम तुम्हारे भाई के ज़रिये तुम्हारे बाज़ू को मज़बूत करेंगे [97], और तुम दोनों को ऐसा ग़लबा (रोब) अता करेंगे [98] कि वे हमारी निशानियों के बाइस तुम तक पहुंच न सकेंगे [99]; तुम दोनों और जो तुम्हारी पैरवी करेंगे वही ग़ालिब रहेंगे [100]।'"

[97] भाई की मदद से ताक़त

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा की दुआ क़बूल फ़रमाई और हज़रत हारून को भी नबुव्वत अता फ़रमाकर उनका मददगार मुक़र्रर किया।

[98] इलाही ग़लबा और रोब

अल्लाह ने दोनों भाइयों को ऐसा रोब और हुकूमत अता फ़रमाई कि फ़िरऔन जैसा ज़ालिम बादशाह अपनी तमाम फ़ौजों के बावजूद उन पर हाथ न डाल सका।

[99] मोजिज़ात के सबब हिफ़ाज़त

अल्लाह के मोजिज़ात उनके लिए ऐसी ढाल बन गए कि दुश्मन उनका बाल भी बांका न कर सके।

[100] अहले हक़ की क़तई फ़तह

अल्लाह ने बशारत दी कि नतीजा हक़ के हक़ में निकलेगा; फ़िरऔन ग़र्क़ होगा और मूसा, हारून और उनके पैरोकार ही आख़िरकार ग़ालिब और कामरान रहेंगे।

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