Transliteration: (Wa nureedu an namunna 'alal lazeenas tud'ifoo fil ardi wa naj'alahum a'immatanw wa naj'alahumul waariseen)
"और हम चाहते थे कि उन लोगों पर एहसान करें जो ज़मीन में कमज़ोर कर दिए गए थे [9], और उन्हें पेशवा (इमाम) बनाएं [10] और उन्हें ही (मुल्क व सल्तनत का) वारिस बनाएं [11];"
अल्लाह तआला का यह दस्तूर है कि जब ज़ालिम का ज़ुल्म हद से बढ़ जाता है तो अल्लाह की रहमत मज़लूमों की दस्तगीरी फ़रमाती है। अल्लाह ने इरादा फ़रमाया कि बनी इसराईल को फ़िरऔन की ग़ुलामी और ज़ुल्म से नजात अता फ़रमाए।
जिन्हें दुनिया में हक़ीर और कमज़ोर समझा जाता था, अल्लाह ने उन्हें दीन व दुनिया का इमाम, पेशवा और नबी व बादशाह बनाने का फ़ैसला फ़रमाया।
अल्लाह तआला ने मिस्र और शाम की सरज़मीन और फ़िरऔनियों के ख़ज़ानों का वारिस उन्हीं मज़लूम इसराईली ग़ुलामों को बना दिया।
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