कुरान - 28:4 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
إِنَّ فِرۡعَوۡنَ عَلَا فِي ٱلۡأَرۡضِ وَجَعَلَ أَهۡلَهَا شِيَعٗا يَسۡتَضۡعِفُ طَآئِفَةٗ مِّنۡهُمۡ يُذَبِّحُ أَبۡنَآءَهُمۡ وَيَسۡتَحۡيِۦ نِسَآءَهُمۡۚ إِنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلۡمُفۡسِدِينَ

Transliteration: (Inna Fir'awna 'alaa fil ardi wa ja'ala ahlahaa shiya'ai yastad'ifu taaa'ifatam minhum yuzabbihu abnaaa'ahum wa yastahyee nisaaa'ahum; innahoo kaana minal mufsideen)

बेशक फ़िरऔन ज़मीन (मिस्र) में सरकश हो गया था [5] और उसने उसके बाशिंदों को कई गिरोहों में बांट दिया था; वह उनमें से एक गिरोह (बनी इसराईल) को कमज़ोर (दबाकर) रखता था [6], उनके लड़कों को ज़ब्ह कर डालता था [7] और उनकी औरतों को ज़िंदा छोड़ देता था [8]; बेशक वह फ़साद फैलाने वालों में से था। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 4

"बेशक फ़िरऔन ज़मीन (मिस्र) में सरकश हो गया था [5] और उसने उसके बाशिंदों को कई गिरोहों में बांट दिया था; वह उनमें से एक गिरोह (बनी इसराईल) को कमज़ोर (दबाकर) रखता था [6], उनके लड़कों को ज़ब्ह कर डालता था [7] और उनकी औरतों को ज़िंदा छोड़ देता था [8]; बेशक वह फ़साद फैलाने वालों में से था।"

[5] मिस्र की ज़मीन पर फ़िरऔन का ग़लबा और तकब्बुर

फ़िरऔन ने मिस्र की सल्तनत पाकर सरकशी और नाफ़रमानी की इंतिहा कर दी। उसने अपनी रिआया को तक़सीम करो और हुकूमत करो की साज़िश के तहत मुख़्तलिफ़ तबक़ात में बांट दिया ताकि वे मुत्तहिद होकर उसके ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ न उठा सकें।

[6] बनी इसराईल को ज़लील व कमज़ोर करना

उसने हज़रत याक़ूब अलैहिस्सलाम की औलाद (बनी इसराईल) को ग़ुलाम बना लिया, उनसे मुफ़्त में सख़्त और ज़लील मशक़्क़त के काम लेता था और उन्हें बुनियादी इंसानी हुक़ूक़ से भी महरूम कर रखा था।

[7] नवजात लड़कों का क़त्ल

जब नजूमियों ने पेशीनगोई की कि बनी इसराईल में एक ऐसा लड़का पैदा होगा जिसके हाथों फ़िरऔन की सल्तनत तबाह होगी, तो उसने हुक्म दिया कि बनी इसराईल के हर पैदा होने वाले बेटे को ज़ब्ह कर दिया जाए। यह उसकी इंतिहाई संगदिली और वहशियाना ज़ुल्म था।

[8] बच्चियों को ज़िंदा छोड़ना

वह लड़कियों को सिर्फ़ इसलिए ज़िंदा छोड़ देता था ताकि बड़ी होकर वे क़िब्तियों की लौंडी और ख़ादिमा बनकर उनकी ख़िदमत करें।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now