कुरान - 28:74 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

74
وَيَوۡمَ يُنَادِيهِمۡ فَيَقُولُ أَيۡنَ شُرَكَآءِيَ ٱلَّذِينَ كُنتُمۡ تَزۡعُمُونَ

Transliteration: (Wa Yawma yunaadeehim fa yaqoolu aina shurakaaa'iyal lazeena kuntum tazz'umoon)

और जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा और फ़रमाएगा, 'कहाँ हैं मेरे वे शरीक जिनका तुम दावा करते थे [181]?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 74 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 74

"और जिस दिन वह उन्हें पुकारेगा और फ़रमाएगा, 'कहाँ हैं मेरे वे शरीक जिनका तुम दावा करते थे [181]?'"

[181] शिर्क का मुकम्मल बुतलान

अल्लाह तआला इस सवाल को दोबारा दोहराएगा ताकि मुशरिकीन की ज़िल्लत तमाम मख़लूक़ात के सामने पूरी तरह वाज़ेह हो जाए और उनका कोई झूठा सहारा बाक़ी न रहे।

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