कुरान - 28:75 सूरह अल-क़सस अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

75
وَنَزَعۡنَا مِن كُلِّ أُمَّةٖ شَهِيدٗا فَقُلۡنَا هَاتُواْ بُرۡهَٰنَكُمۡ فَعَلِمُوٓاْ أَنَّ ٱلۡحَقَّ لِلَّهِ وَضَلَّ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ

Transliteration: (Wa naza'naa min kulli ummatin shaheedan faqulnaa haatoo burhaanakum fa'alimooo annal haqqa lillaahi wa dalla 'anhum maa kaanoo yaftaroon (section 7))

और हम हर उम्मत में से एक गवाह (नबी) निकालेंगे [182], फिर कहेंगे, 'अपनी दलील लाओ!' तब वे जान लेंगे कि हक़ सिर्फ़ अल्लाह ही के लिए है और जो कुछ वे बोहतान बांधते थे वह सब उनसे गुम हो जाएगा [183]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-क़सस आयत 75 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-क़सस तफ़सीर - आयत 75

"और हम हर उम्मत में से एक गवाह (नबी) निकालेंगे [182], फिर कहेंगे, 'अपनी दलील लाओ!' तब वे जान लेंगे कि हक़ सिर्फ़ अल्लाह ही के लिए है और जो कुछ वे बोहतान बांधते थे वह सब उनसे गुम हो जाएगा [183]।"

[182] अंबिया-ए-किराम की गवाही

हर उम्मत के पैग़म्बर को गवाह बनाकर लाया जाएगा जो गवाही देंगे कि हमने तेरी तौहीद का पैग़ाम पहुंचाया था मगर इन नाफ़रमानों ने इनकार किया। हमारे नबी हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ तमाम अंबिया और उम्मतों पर गवाह होंगे।

[183] बातिल दावों की नाबूदी

काफ़िरों के पास अपने शिर्क के हक़ में कोई दलील न होगी और उनके गढ़े हुए तमाम माबूद और झूठी शफ़ाअत के ख़्यालात ग़ायब हो जाएंगे।

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