Transliteration: (Innahum kaanoo qabla zaalika mutrafeen)
"बेशक वे इससे पहले नाज़ व नेमत में पड़े थे [41]!"
हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि दुनिया में वे अल्लाह की दी हुई दौलत, सेहत और ऐशो-इशरत में मस्त होकर रब को भूल गए थे और नाशुक्रापन दिखाते थे। जब नेमतों का शुक्र अदा न किया जाए तो वे अज़ाब की शक्ल इख़्तियार कर लेती हैं।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat