कुरान - 56:48 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
أَوَءَابَآؤُنَا ٱلۡأَوَّلُونَ

Transliteration: (Awa aabaaa'unal awwaloon)

और क्या हमारे अगले बाप-दादा भी? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 48

"और क्या हमारे अगले बाप-दादा भी?"


मुशरिकीन की जिहालत और दलील से ख़ाली इंकार

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि वे कहते थे कि हमारे जो बाप-दादा सदियों पहले मरकर ख़ाक में मिल चुके, क्या वे भी दोबारा उठाए जाएँगे? वे अल्लाह की क़ुदरत-ए-कामिला को अपनी महदूद अक़्ल से नापते थे।

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