कुरान - 56:49 सूरह अल-वाक़िया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

49
قُلۡ إِنَّ ٱلۡأَوَّلِينَ وَٱلۡأٓخِرِينَ

Transliteration: (Qul innal awwaleena wal aakhireen)

तुम फ़रमाओ: "बेशक सब अगले और पिछले [44]," (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-वाक़िया आयत 49 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-वाक़िआ तफ़सीर - आयत 49

"तुम फ़रमाओ: 'बेशक सब अगले और पिछले [44],'"


[44] हज़रत आदम अलैहिस्सलाम से लेकर क़यामत तक की तमाम मख़लूक़ात का हश्र

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि ऐ हबीब ﷺ! आप फ़रमा दीजिए कि हज़रत आदम अलैहिस्सलाम के ज़माने से लेकर क़यामत तक पैदा होने वाला हर इंसान—चाहे वह दुनिया में एक लम्हा ही क्यों न रहा हो—सब के सब दोबारा ज़िंदा किए जाएँगे।

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