Transliteration: (Ataaa amrullaahi falaa tasta'jilooh; Subhaanahoo wa Ta'aalaa 'ammaa yushrikoon)
"अल्लाह का हुक्म आ पहुँचा; तो अब उसकी जल्दी न मचाओ [2]। वह पाकीज़ा है और उससे बहुत बुलन्द है जिसे वे उसका शरीक ठहराते हैं।"
मक्का के काफ़िर मज़ाक़ उड़ाते हुए तकब्बुर से कहते थे कि "वह अज़ाब कब आएगा जिससे तुम हमें डराते हो?" उनके इस सवाल के जवाब में यह आयत नाज़िल हुई। अल्लाह के हुक्म से मुराद यहाँ या तो जंग-ए-बद्र का अज़ाब है जो इन काफ़िरों पर नाज़िल हुआ, या क़ब्र का अज़ाब, या क़यामत का अज़ाब है। ये तमाम अज़ाब हमें दूर मालूम होते हैं, मगर अल्लाह तआला के नज़दीक बिल्कुल क़रीब आ पहुँचे हैं।
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