Transliteration: (Khalaqal insaana min nutfatin fa izaa huwa khaseemum mubeen)
"उसने आदमी को एक बूँद (नुतफ़े) से बनाया [6], तो वह जब ही खुला झगड़ालू बन गया।"
आदमी से मुराद हज़रत आदम अलैहिस्सलाम की औलाद है (जिसमें हज़रत ईसा मुस्तस्ना हैं)। नुतफ़े से इन्सान की पैदाइश आम क़ानून-ए-क़ुदरत है, और बिना नुतफ़े के पैदा करना मोजिज़ाती क़ुदरत है — "ईसा की मिसाल अल्लाह के नज़दीक आदम जैसी है, उन्हें मिट्टी से बनाया।" नुतफ़े में माँ और बाप दोनों का हिस्सा होता है: बाप के पानी से हड्डियाँ और माँ के पानी से गोश्त व बाल वग़ैरा बनते हैं; इसीलिए नस्ब बाप से चलता है।
यह आयत उबई बिन ख़लफ़ के बारे में उतरी जो एक पुरानी बोसीदा हड्डी लेकर आया और मज़ाक़ उड़ाने लगा कि अल्लाह इसे कैसे ज़िंदा करेगा? जवाब दिया गया कि जो ज़ात पानी की एक मामूली बूँद से जीता-जागता इन्सान बना देती है, वह बोसीदा हड्डियों को दोबारा ज़िंदा करने पर क़ादिर क्यों नहीं होगी!
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