कुरान - 16:128 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

128
إِنَّ ٱللَّهَ مَعَ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَواْ وَّٱلَّذِينَ هُم مُّحۡسِنُونَ

Transliteration: (Innal laaha ma'al lazeenat taqaw wal lazeena hum muhsinoon (section 16) (End Juz 14))

बेशक अल्लाह उनके साथ है जो डरते हैं (तक्वा रखते हैं) और जो भलाई करते हैं [284]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 128 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 128 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"बेशक अल्लाह उनके साथ है जो डरते हैं और जो भलाई करते हैं [284]।"

[284] मख़्लूक़ पर रहम अल्लाह की रहमत का ज़रिया

जो शख़्स अल्लाह की मख़्लूक़ के साथ भलाई और मेहरबानी करता है और गुनाहों से बचता है, अल्लाह तआला की ख़ास रहमत और मदद हमेशा उसके साथ रहती है।

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