Transliteration: (Ud'u ilaa sabeeli Rabbika bilhikmati walmaw 'izatil hasanati wa jaadilhum billatee hiya ahsan; inna Rabbaka huwa a'almu biman dalla 'an sabeelihee wa Huwa a'lamu bilmuhtadeen)
"अपने रब की राह की तरफ़ बुलाइए [277] हिकमत और अच्छी नसीहत के साथ [278], और उनसे उस तरीक़े से बहस कीजिए जो सबसे बेहतर हो [279]... [280]।"
हुज़ूर अकरम ﷺ और आपके बाद उलमा-ए-इस्लाम को हुक्म है कि तमाम मख़्लूक़ को इस्लाम की तरफ़ बुलाएँ। अल्लाह के नज़दीक सिर्फ़ इस्लाम ही सच्चा दीन है।
दावत में मुख़ातब की अक़्ल व फ़हम के मुताबिक़ दलीलें देना, पिछली क़ौमों के वाक़िआत से नसीहत करना और दिल छू लेने वाले अल्फ़ाज़ इस्तेमाल करना 'हिकमत' है।
बहस व मुनाज़रे में बद-कलामी और गाली-गलौज के बजाय शाइस्तगी, नर्मी और मज़बूत दलीलों का तरीक़ा अपनाना चाहिए ताकि मक़सद फ़साद के बजाय हिदायत हो।
बन्दे का काम सिर्फ़ दावत पहुँचाना है; हिदायत देना अल्लाह का काम है जो दिलों के अहवाल को ख़ूब जानता है।
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