Transliteration: (Wasbir wa maa sabruka illaa billaah; wa laa tahzan 'alaihim wa laa taku fee daiqim mimmaa yamkuroon)
"और आप सब्र कीजिए और आपका सब्र अल्लाह ही की तौफ़ीक़ से है। और उन पर ग़म न खाइए और उनके फ़रेब से दिल तंग न कीजिए [283]।"
दुश्मनों की अज़ीयतों पर सब्र करना सिर्फ़ अल्लाह की अता की हुई ताक़त और तौफ़ीक़ से मुमकिन है। अल्लाह ने अपने महबूब ﷺ को तसल्ली दी कि दुश्मनों की साज़िशों से दिल छोटा न करें, अल्लाह ने हमेशा अपने नबियों की हिफ़ाज़त फ़रमाई है और अंततः आप ही को ग़लबा अता फ़रमाएगा।
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