Transliteration: (Innamaa harama 'alai kumul maitata waddama wa lahmal khinzeeri wa maaa uhilla lighairil laahi bihee famanid turra ghaira baaghinw wa laa 'aadin fa innal laaha Ghafoorur Raheem)
"उसने तुम पर हराम फ़रमाया है [255] सिर्फ़ मुरदार [256], और ख़ून [257], और सूअर का गोश्त [258], और वह जानवर जिस पर ज़बह के वक़्त अल्लाह के सिवा किसी और का नाम पुकारा गया हो [259]... [260]।"
बुनियादी तौर पर हर चीज़ हलाल है सिवाय उन चीज़ों के जिन्हें क़ुरआन व हदीस ने साफ़ तौर पर हराम फ़रमाया है।
जो जानवर बिना शरई ज़बह के मर जाए वह हराम है; अलबत्ता मछली और टिड्डी ज़बह के बिना भी हलाल हैं।
दम-ए-मस्फ़ूह़ (बहता ख़ून) हराम है; कलेजी और तिल्ली ख़ून जैसी होने के बावजूद हलाल हैं।
सूअर का गोश्त, चर्बी, बाल और उसकी हर चीज़ क़तई हराम और नजिसुल-ऐन है।
ज़बह के वक़्त जानबूझकर किसी बुत या ग़ैर-अल्लाह का नाम पुकारना उस जानवर को हराम कर देता है।
अगर जान जाने का ख़तरा हो और हलाल ग़िज़ा बिल्कुल न मिले, तो जान बचाने की हद तक हराम चीज़ खाने की रुख़्सत है, मगर ज़रूरत से ज़्यादा खाना हराम रहेगा।
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