Transliteration: (Fakuloo mimmaa razaqa kumul laahu halaalan taiyibanw washkuroo ni'matal laahi in kuntum iyyaahu ta'budoon)
"तो खाओ अल्लाह के दिए हुए रिज़्क़ में से जो हलाल पाकीज़ा है [253], और अल्लाह की नेमत का शुक्र अदा करो अगर तुम उसी की इबादत करते हो [254]।"
मोमिनीन को हुक्म है कि हलाल और पाकीज़ा रिज़्क़ खाएँ। लज़ीज़ और अच्छी नेमतें खाना तक़वा के ख़िलाफ़ नहीं है, बल्कि असल परहेज़गारी हराम माल (जैसे रिश्वत, सूद, चोरी) और हराम ग़िज़ा से बचना है।
अल्लाह का शुक्र तीन तरीक़ों से होता है: दिल से तौहीद व रिसालत मानना, आमाल से शरीअत की इताअत करना, और ज़बान से अल्लाह की हम्द और रसूलुल्लाह ﷺ की नात व दुरूद पढ़ना।
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