कुरान - 16:118 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

118
وَعَلَى ٱلَّذِينَ هَادُواْ حَرَّمۡنَا مَا قَصَصۡنَا عَلَيۡكَ مِن قَبۡلُۖ وَمَا ظَلَمۡنَٰهُمۡ وَلَٰكِن كَانُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ يَظۡلِمُونَ

Transliteration: (Wa 'alal lazeena haadoo harramnaa ma qasasnaa 'alaika min qablu wa maa zalamanaahum wa laakin kaanoo anfusahum yazlimoon)

और यहूदियों पर हमने वही चीज़ें हराम की थीं जिनका ज़िक्र हमने आपसे पहले फ़रमाया है [262], और हमने उन पर ज़ुल्म नहीं किया बल्कि वे ख़ुद अपनी जानों पर ज़ुल्म करते थे [263]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 118 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 118 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और यहूदियों पर हमने वही चीज़ें हराम की थीं जिनका ज़िक्र हमने आपसे पहले फ़रमाया है [262]... [263]।"

[262] यहूदियों पर पिछली पाबंदियाँ

सूरह अनआम (आयत 146) में ज़िक्र हुआ कि यहूदियों पर हर नाखून वाला जानवर और गाय-बकरी की चर्बी हराम कर दी गई थी।

[263] अपनी सरकशी की सज़ा

यह पाबंदी उन पर ज़ुल्म के तौर पर नहीं, बल्कि उनकी अपनी नाफ़रमानी और हरमख़ोरी की सज़ा के तौर पर लगाई गई थी। उम्मत-ए-मुहम्मदिया पर अल्लाह का ख़ास फ़ज़्ल है कि ऐसी सख़्त पाबंदियाँ उठा ली गईं।

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