कुरान - 16:14 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
وَهُوَ ٱلَّذِي سَخَّرَ ٱلۡبَحۡرَ لِتَأۡكُلُواْ مِنۡهُ لَحۡمٗا طَرِيّٗا وَتَسۡتَخۡرِجُواْ مِنۡهُ حِلۡيَةٗ تَلۡبَسُونَهَاۖ وَتَرَى ٱلۡفُلۡكَ مَوَاخِرَ فِيهِ وَلِتَبۡتَغُواْ مِن فَضۡلِهِۦ وَلَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ

Transliteration: (Wa Huwal lazee sakhkharal bahra litaakuloo minhu lahman tariyyanw wa tastakhrijoo minhu hilyatan talbasoonahaa wa taral fulka mawaakhira feehi wa litabtaghoo min fadlihee wa la'allakum tashkuroon)

और वही है जिसने समुद्र को काम में लगाया [26] ताकि तुम उसमें से ताज़ा गोश्त खाओ [27] और उसमें से गहने निकालो जिन्हें पहनते हो [28], और तू कश्तियों को देखता है कि उसमें पानी चीरती हैं [29], और इसलिए कि तुम उसका फ़ज़्ल तलाश करो और ताकि तुम शुक्रगुज़ार बनो [30]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 14 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और वही है जिसने समुद्र को काम में लगाया [26] ताकि तुम उसमें से ताज़ा गोश्त खाओ [27] और उसमें से गहने निकालो जिन्हें पहनते हो [28], और तू कश्तियों को देखता है कि उसमें पानी चीरती हैं [29], और इसलिए कि तुम उसका फ़ज़्ल तलाश करो और ताकि तुम शुक्रगुज़ार बनो [30]।"

[26] समन्दर पर इन्सानी तसर्रुफ़

अल्लाह तआला ने समन्दर को इन्सान के ताबे कर दिया कि जहाज़ों के ज़रिए उसकी गहराइयों से ग़िज़ा और ज़ीनत हासिल की जा सके।

[27] मछली का गोश्त हलाल

अरबी में मछली के गोश्त को 'लह़्म' फ़रमाया गया जिससे साबित हुआ कि मछली हलाल और ताज़ा ग़िज़ा है।

[28] मोती और मूँगे के ज़ेवरात

समन्दर की गहराइयों से निकलने वाले मोती और मूँगे ज़ीनत और लिबास की ख़ूबसूरती के काम आते हैं।

[29] तरीक़त का समन्दर और शरीअत की कश्ती

अहले-तसव्वुफ़ फ़रमाते हैं कि तरीक़त एक गहरा समन्दर है और शरीअत वह कश्ती है जिसके बिना समन्दर पार नहीं किया जा सकता। इसी तरह क़ुरआन व हदीस समन्दर हैं और फ़िक़्ह व इमाम की पैरवी वह कश्ती है जो इन्सान को गुमराही से बचाकर किनारे लगाती है।

[30] रिज़्क़ की जुस्तजू और शुक्रगुज़ारी

समुद्री तिजारत, सफ़र-ए-हज और मछली का शिकार सब अल्लाह का फ़ज़्ल तलाश करने में दाख़िल हैं, और इन अज़ीम नेमतों पर अल्लाह का शुक्र अदा करना फ़र्ज़ है।

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