कुरान - 16:19 सूरह अल-नहल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
وَٱللَّهُ يَعۡلَمُ مَا تُسِرُّونَ وَمَا تُعۡلِنُونَ

Transliteration: (Wallaahu ya'lamu maa tusirroona wa maa tu'linoon)

और अल्लाह जानता है जो कुछ तुम छिपाते हो और जो कुछ ज़ाहिर करते हो [38]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-नहल आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नह्ल – आयत 19 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

"और अल्लाह जानता है जो कुछ तुम छिपाते हो और जो कुछ ज़ाहिर करते हो [38]।"

[38] इल्म-ए-इलाही का इहाता

अल्लाह तआला का इल्म अज़ली और अबदी है। वह दिलों के छुपे हुए भेदों और ज़ाहिरी आमाल सब को जानता है। क़ुरआन में जहाँ यह आता है कि 'ताकि अल्लाह जान ले', उससे मुराद दुनियावी आलम में अमल का ज़ाहिर होना है, न कि अल्लाह के इल्म में कोई कमी।

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