Transliteration: (Amwaatun ghairu ahyaaa'inw wa maa yash'uroona aiyaana yub'asoon (section 2))
"वे मुर्दे हैं [39], ज़िंदा नहीं; और उन्हें ख़बर नहीं कि लोग कब उठाए जाएँगे [40]।"
यह आयत मुशरिक़ीन के पत्थर और धातु के बेजान बुतों के बारे में है। कुछ गुमराह लोग इसे ग़लत तरीक़े से अम्बिया और औलिया-ए-किराम की ज़ात पर चस्पाँ करते हैं जो खुला ज़ुल्म है। अम्बिया और शोहदा अपनी क़ब्रों में हक़ीक़ी ज़िन्दगी के साथ ज़िंदा हैं और उन्हें रिज़्क़ दिया जाता है।
बुतों को न अपनी ख़बर है और न यह मालूम है कि उन्हें और उनके पूजने वालों को कब क़यामत में उठाया जाएगा।
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