कुरान - 53:36 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

36
أَمۡ لَمۡ يُنَبَّأۡ بِمَا فِي صُحُفِ مُوسَىٰ

Transliteration: (Am lam yunabbaa bimaa fee suhuhfi Moosa)

या उसे उस बात की ख़बर नहीं दी गई जो मूसा के सहीफ़ों में है [47]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 36 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 36

"या उसे उस बात की ख़बर नहीं दी गई जो मूसा के सहीफ़ों में है [47]?"


[47] हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के मुक़द्दस सहीफ़े

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) पर जो तौरात और सहीफ़े नाज़िल हुए, उनमें भी यही तौहीद और इंसाफ़ के अहकाम थे कि हर इंसान अपने आमाल का ख़ुद ज़िम्मेदार होगा।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now