कुरान - 53:34 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

34
وَأَعۡطَىٰ قَلِيلٗا وَأَكۡدَىٰٓ

Transliteration: (Wa a'taa qaleelanw wa akdaa)

और थोड़ा सा दिया और फिर हाथ रोक लिया [45]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 34 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 34

"और थोड़ा सा दिया और फिर हाथ रोक लिया [45]?"


[45] थोड़ा देकर हाथ रोक लेना और मुनाफ़िक़ाना रवैया

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि वलीद ने जिस मुशरिक से अज़ाब का ठेका लिया था, उसे थोड़ा सा माल दिया और बाक़ी रोक लिया:

  • अबू जहल की ख़बीस फ़ितरत: कुछ मुफ़स्सिरिन ने फ़रमाया कि यह अबू जहल और उसके जैसों के बारे में है जो कभी इस्लाम के किसी अमल की तारीफ़ करते और फिर मुँह फेर लेते। यह मुनाफ़िक़ाना और बख़ीलाना रवैया इंसान की हलाकत का ज़रिया है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now