कुरान - 53:33 सूरह अन-नज्म अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

33
أَفَرَءَيۡتَ ٱلَّذِي تَوَلَّىٰ

Transliteration: (Afara'ayatal lazee tawallaa)

तो क्या आपने उस शख़्स को देखा जिसने (हक़ से) मुँह फेर लिया [44]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अन-नज्म आयत 33 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अन-नज्म तफ़सीर - आयत 33

"तो क्या आपने उस शख़्स को देखा जिसने (हक़ से) मुँह फेर लिया [44]?"


[44] दुनियावी माल के लिए हक़ से मुँह मोड़ना (वलीद बिन मुग़ीरा का वाक़िया)

हज़रत मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह फ़रमाते हैं कि यह आयत वलीद बिन मुग़ीरा के बारे में नाज़िल हुई:

  • ईमान से फिर जाना: वलीद पहले इस्लाम की तरफ़ माइल हुआ, मगर जब मुशरिकीन ने उसे ताना दिया कि तूने अपने बाप-दादा का दीन छोड़ दिया, तो उसने कहा कि मुझे अल्लाह के अज़ाब का डर है। एक मुशरिक ने उससे कहा कि तू मुझे कुछ माल दे दे, तो तेरे अज़ाब का ज़िम्मा मैं अपने सर ले लेता हूँ।
  • मुरतद होना: इस पर वलीद ने कुछ माल दिया और इस्लाम से फिर गया (तफ़सीर ख़ज़ाइनुल इरफ़ान व रूह-उल-मआनी)। उस वक़्त तक इर्तिदाद की क़त्ल वाली सज़ा का हुक्म नाज़िल नहीं हुआ था।

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